निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों ने टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराई शिकायतें

देहरादून। निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों ने गुरुवार को शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर पर अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं। शिकायतों में मुख्य रूप से हर साल बढ़ाई जा रही फीस, सालाना शुल्क की अनिवार्यता, महंगी किताबों की खरीद और एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की किताबें थोपे जाने की बातें सामने आईं।
शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर पर पहले ही दिन शाम पांच बजे तक प्रदेशभर से 25 से अधिक अभिभावकों की शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि सभी शिकायतों को संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को भेजा जा रहा है और प्रत्येक शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हाल ही में इस टोल फ्री नंबर को लॉन्च किया था, ताकि अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से की जा रही फीस वृद्धि, महंगी किताबों की अनिवार्यता और चुनिंदा व्यापारियों से स्टेशनरी व यूनिफॉर्म खरीदने के दबाव जैसी शिकायतों को दर्ज करा सकें।
प्रमुख शिकायतें:
-हर साल फीस में बढोत्तरी की जा रही है
-अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार होता है
-एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाई जा रही
-इस साल 30 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है फीस
-किताबें स्कूल से जारी की जाती हैं
-छात्रों को फेल कर फिर अगली क्लास में बिठाया जाता है
-स्कूल के पास ही तंबाकू और गुटका बेचा जा रहा है
-स्कूलों में संसाधन और वाटर कूलर तक नहीं है