
अल्मोड़ा। मां नंदा के प्रति कुमाऊं-गढ़वाल की साझा आस्था और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ कुमाऊं का शिष्टमंडल शनिवार को मां नंदा देवी मंदिर परिसर से नंदा लोक जात यात्रा में शामिल होने के लिए रवाना हुआ। चंद वंशज राजा करन चंद्र राज सिंह उर्फ केसी सिंह बाबा और युवराज नरेंद्र चंद्र राज सिंह के निर्देश पर मां नंदा देवी मंदिर समिति के नेतृत्व में शिष्टमंडल यात्रा में कुमाऊं का प्रतिनिधित्व करेगा।
शिष्टमंडल चेपड़ो मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गढ़वाल से निकली लोक जात यात्रा में शामिल होगा। यात्रा के दौरान कुमाऊं का ध्वज भी साथ रहेगा। आयोजकों के अनुसार 25 सितंबर को सिद्धपीठ देवराड़ा में यात्रा के समापन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा देवी राजराजेश्वरी को गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि मां नंदा केवल कुमाऊं की आराध्य देवी नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हैं। कुमाऊं से शिष्टमंडल की सहभागिता दोनों मंडलों के बीच सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को और मजबूत करने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि लोक जात यात्रा में कुमाऊं की भागीदारी साझा विरासत और आपसी भाईचारे का संदेश दे रही है।
यात्रा में मंदिर समिति के व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, देवेंद्र चौहान, गोपाल रावत, चंदन रावत, ललित पांडे, रक्षित साह, गणेश साह, पीयूष वर्मा, पारस पालनी, मनन साह और हिमांशु मेर के साथ कुमाऊं के पारंपरिक वाद्ययंत्र लेकर करीब 25 रणबांकुरे शामिल हैं। भवाली नंदा देवी मंदिर से कंचन सुयाल, लोकेश जोशी समेत अन्य लोग भी यात्रा में सहभागिता कर रहे हैं।
शिष्टमंडल के प्रस्थान के अवसर पर मंदिर समिति के सचिव मनोज सनवाल, कोषाध्यक्ष हरीश बिष्ट, व्यवस्थापक अनुप साह, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, सदस्य राजेश पालनी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, पार्षद संजय जोशी, सह संयोजक हरीश कनवाल, संजय साह और रवि कन्नौजिया समेत समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के बीच शिष्टमंडल को रवाना किया गया। सदस्यों ने यात्रा के सफल, मंगलमय और निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की।

