
रुड़की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि सुधार कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद के बाद किसान इसे अपनी एकता की जीत बता रहे हैं। खुशी में किसानों ने शुक्रवार को मिठाइयां बांटी और पटाखे भी छोड़े। पिछले करीब एक साल से कृषि कानून वापसी की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने में क्षेत्र के गांवों से भी बड़ी संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर जाकर आंदोलन का समर्थन कर रहे थे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनों कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद खुशी किसानों में साफ देखी जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के मंडल महामंत्री अरविंद राठी का कहना है कि कृषि कानून वापस लिया जाना किसान हित में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि किसानों की अन्य समस्याओं को भी सरकार गंभीरता के साथ तत्काल हल करें। किसान जितेंद्र सिंह का कहना था कि सरकार पहले ही इन बिल को वापस ले लेती तो बॉर्डर में बैठे किसानों की बड़ी संख्या में शहादत नहीं होती। किसान वीरेंद्र सिंह, गौरव चौधरी, प्रवीण कुमार, जयदीप, रविंदर आदि ने कृषि सुधार कानूनों की वापसी को किसान एकता की जीत बताते हुए मिठाईयां बांटकर खुशी का इजहार किया।

