
अल्मोड़ा। ‘मशरूम स्वास्थ्य भी, स्वरोजगार भी’ अभियान के तहत विकासखंड के ढौरा गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ मशरूम उत्पादन और पोषण से जुड़ी जानकारी दी गई। संस्था के अध्यक्ष हेमंत कुमार जोशी ने बताया कि पिछले 11 महीनों से चल रहे इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में गांव की महिलाओं को पहले मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि गांव में मशरूम उत्पादन इकाई भी स्थापित की गई है, जिससे महिलाओं को आय के नए अवसर मिल रहे हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम में गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक अशोक कुमार साहनी ने भाग लिया। उन्होंने महिलाओं को पहाड़ के पारंपरिक मोटे अनाज के पोषण महत्व के बारे में जानकारी दी और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। संस्था के सचिव कमल पांडे ने बताया कि इस वर्ष महिलाओं को दो प्रकार के मशरूम का प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें इसके नियमित सेवन के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी दीक्षा वर्मा ने महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजर नमिता टम्टा ने मशरूम के पोषण और स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को अशोक कुमार साहनी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही महिलाओं को ओयस्टर मशरूम का पाउडर और सूखे मशरूम भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रोजेक्ट फील्ड असिस्टेंट काजल बिष्ट के साथ मोनिका, दीक्षा, निधि, निकिता, सुजल और करन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


