
अल्मोड़ा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों के बीच माहवारी स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को लेकर तीन दिवसीय जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत बाल्टा, खेतीगांव और कटारमल में कार्यशालाओं का आयोजन कर प्रतिभागियों को माहवारी से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी विषयों की जानकारी दी गई। अभियान के दौरान महिलाओं और किशोरियों ने माहवारी से जुड़े अनुभव साझा किए और विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। कार्यशालाओं में माहवारी के दौरान शरीर में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को माहवारी के दौरान सुरक्षित स्वच्छता अपनाने और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के उपाय भी बताए गए। इस दौरान कपड़े के पैड, पीरियड पैंटी, मेंस्ट्रुअल कप और अन्य पुनः उपयोग योग्य विकल्पों की जानकारी दी गई। कार्यशालाओं में पारंपरिक व्याख्यान के बजाय समूह चर्चा आधारित पद्धति अपनाई गई, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा कर अपने अनुभव साझा किए। मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, मूड में बदलाव और वैकल्पिक माहवारी उत्पादों को लेकर प्रतिभागियों ने विशेष रुचि दिखाई। आयोजकों के अनुसार अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों के प्रति अधिक जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में स्थानीय स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का सहयोग रहा।

