
अल्मोड़ा। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा के आकस्मिक निधन पर अल्मोड़ा में गहरा शोक व्यक्त किया गया। विहान सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के कलाकारों ने टैरिस थिएटर, धारानौला में शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा में रिंकू राणा की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने कहा कि रिंकू राणा थारू जनजाति की पहली प्रमुख लोक गायिका के रूप में जानी जाती थीं और उन्होंने थारू लोक संगीत तथा संस्कृति को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान की अध्यक्ष ममता वाणी भट्ट ने कहा कि रिंकू राणा के निधन को उत्तराखंड और थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ी क्षति बताया। संस्था के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार दयानंद कठैत ने कहा कि रिंकू राणा के निधन से उत्तराखंड सहित पूरे कला जगत को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि रिंकू राणा केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संवारने वाली महत्वपूर्ण हस्ती थीं। विदित हो कि बीती 5 मार्च को रिंकू राणा का सड़क दुर्घटना में 38 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। शोक सभा में मनोज चम्याल, पंकज कार्की, निशा मेहरा, प्रियंका बिष्ट, अंशिता गैलकोटी, अंकित चंद्रा, सुमित कुमार, मानव, नीरज कुमार, सुमित बिष्ट सहित अन्य कलाकार उपस्थित रहे।

