
अल्मोड़ा। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर पेड़ों से बढ़ते खतरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जोखिमपूर्ण पेड़ों की शीघ्र पहचान कर उनके निस्तारण की मांग की गई। हाल ही में हवालबाग क्षेत्र स्थित एक छात्रावास की छत पर पेड़ गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने इसे गंभीर बताया। घटना में जनहानि नहीं होने के बावजूद इसे बड़ी दुर्घटना की चेतावनी माना गया। इस मामले में वन विभाग की सतर्कता पर भी सवाल उठाए गए। राजीव गुरुरानी ने कहा कि वन विभाग फील्ड स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर ऐसे पेड़ों को चिन्हित करे, जो मकानों, छात्रावासों, मंदिरों और सरकारी विद्यालयों के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने हवालबाग की घटना की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि पेड़ के कटान के लिए पूर्व में कोई आवेदन किया गया था या नहीं। यदि आवेदन लंबित रहा या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में शहरी क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर खड़े पेड़ों की नियमित छंटाई और मंदिरों व विद्यालय परिसरों के आसपास जर्जर पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की मांग भी की गई। इस दौरान पार्षद अमित शाह, देवाशीष नेगी, ललित मेहता, दर्शन रावत, अभिषेक जोशी और चंदन बहुगुणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

