

देहरादून(आरएनएस)। मुंबई की महानगरीय चकाचौंध के बीच देवभूमि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक संगीत की गूंज सुनाई दे रही है। उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत को सहेजने के उद्देश्य उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित मुंबई ‘कौथिग-2026’ के 17 वें सीजन में इन दिनों सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला चल रहा है। 10 दिवसीय इस सांस्कृतिक महापर्व का उद्घाटन गत आठ मई को विधायक मंदा ताई म्हात्रे एवं नितेश म्हात्रे ने किया था। कौथिग में अब तक युवा गायिका बेबी प्रियंका, सावन चमोली, खुशी जोशी समेत दिल्ली से मनाली फेम मंजू नौटियाल ने अपनी पारंपरिक गीत संगीत की प्रस्तुतियों से उत्तराखंड की जीवंत तस्वीर पेश की है।
ढोल-दमों की थाप और जागर की गूंज पर प्रवासी उत्तराखंडी देर रात तक झूम रहे हैं। 17 मई तक चलने वाले इस 17वें संस्करण में केवल संगीत ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समग्र पहचान को प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर लगे स्टॉल्स पर जैविक उत्पाद जैसे मंडुवा, झंगोरा और गहत जैसी पहाड़ी दालें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पहाड़ी व्यंजन और वेशभूषा के तहत पारंपरिक कंडाली का साग, फाणु के साथ-साथ पिछौड़ा, नथ और पहाड़ी टोपी की प्रदर्शनी को भी लोग खूब पसंद आ रही है। कौथिग के संस्थापक केशर सिंह बिष्ट अपनी टीम के साथ आयोजन को भव्यतम रुप प्रदान करने में जुटे हैं। वह बताते हैं कि इस समय मुबंई का माहौल मुंबई में मौजूद प्रवासी उत्तराखंडियों को मिनी उत्तराखंड का अहसास करा रहा है, जहां हर चेहरे पर अपनी माटी की चमक और मातृभूमि की महक महसूस करने की प्रतिस्पर्धा है।

