
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के काचीगुडा इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और जांच एजेंसियों को भी हैरानी में डाल दिया है। ड्रग कंट्रोल प्रशासन की छापेमारी में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म के परिसर से करीब एक हजार लीटर जानवरों का खून बरामद किया गया है, जिसे इंसानों के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्लड बैग में भरकर रखा गया था।
केंद्रीय ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम के साथ गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को पता चला कि यह खून बकरियों और भेड़ों से अवैध तरीके से एकत्र किया गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि खून को उन्हीं विशेष ब्लड बैग में पैक किया गया था, जिनका उपयोग अस्पतालों में मानव रक्त के संग्रह और भंडारण के लिए किया जाता है।
जांच के दौरान फर्म के परिसर से खून की पैकेजिंग और प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक उपकरण भी जब्त किए गए। टीम ने एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में खून का संग्रह किसी संगठित और सुनियोजित गतिविधि की ओर इशारा करता है।
ड्रग कंट्रोल विभाग को आशंका है कि इस खून का उपयोग गैरकानूनी क्लीनिकल ट्रायल, प्रयोगशाला परीक्षणों या विभिन्न प्रकार के प्रयोगों के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जाना था। यह भी जांच की जा रही है कि इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
फिलहाल फर्म का मालिक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश के साथ-साथ जब्त सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक मंशा और संभावित खतरों का खुलासा हो सकेगा।
