
रुड़की। आईआईटी रुड़की की सीनेट ने संस्थान के अनुसंधान दिवस को हर साल 14 मार्च को मनाने के लिए 53 वीं संस्थान अनुसंधान समिति की सिफारिश को मंजूरी दी है। यह दिन महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और पाई का जन्मदिन होने के कारण भी महत्वपूर्ण है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी ने कैंपस में आयोजित संस्थान के पहले अनुसंधान दिवस (इंस्टटियूट रिसर्च डे) और वर्चुअल रिसर्च गैलरी (वीआरजी) का उद्घाटन किया। वर्चुअल रिसर्च गैलरी आईआईटी रुड़की के चयनित शोधों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान शोध पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यह समय तकनीक के सहारे अपने शोध को प्रदर्शित करने का है। आईआईटी रुड़की ने तय किया है कि 14 मार्च के दिन को रिसर्च डे के तौर पर मनाया जाए। अनुसंधान दिवस की पूर्व संध्या पर आईआईटी रुड़की के भौतिकी विभाग द्वारा तीसरे सीवी. रमन मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया। ब्लैक होल थर्मोडायनामक्सि: तब और अब पर एक वर्चुअल टॉक प्रो. एडवर्ड विटेन, फील्ड्स मेडलिस्ट, चार्ल्स सिमोनी, प्रो. फेसर, इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस स्टडी, प्रिंसटन द्वारा दिया गया। संस्थान में आर्किटेक्चर और प्लानिंग के पीएचडी छात्र आशीष सरकार ने कहा कि पहली बार संस्थान ने शोध दिवस की मेजबानी की है। एक प्रतिभागी के रूप में अपने शोध कौशल का प्रदर्शन करने का मौका मिला।
प्रतियोगिता में इन्होंने लिया भाग: अकेपोगु वेंकटेश्वरलु, प्रियब्रत मंडल, हरीश कर्णेडी, विजय पांडुरंग मोहले, नीतीश कुमार, नितिन कुमार, भारत सोनी, अनुराधा सिल्वा, आदित्य बंडारी,धारणा
