
नई दिल्ली (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हिंसा के बाद से राजनीति अपने चरम पर है। वहीं इसके बाद पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भडक़ी हिंसा को लेकर एक्शन तेज हो गया है। हिंसा की जांच अब सीआईडी करेगी। राम नवमी शोभायात्रा के दौरान पथराव हुआ था। पुलिस पर भी पत्थर फेंके गये। राज्यपाल ने सीएम से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। हिंसा के बाद हावड़ा में इंटरनेट सेवा सस्पेंड कर दी गई है।
इलाके में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। सीआईडी के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप समेत कई ब्रांच जांच में शामिल होंगी। इसमें डीआईजी रैंक के अधिकारी होंगे।
दरअसल, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी ने हिंसा को लेकर ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने ममता बनर्जी पर जुलूस के दौरान पथराव करने वालों को क्लीन चिट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा सवाल यह है कि ममता कब तक हिंदू समुदाय पर हमले करती रहेंगी।
हावड़ा में हुई हिंसा पर बीजेपी ममता सरकार पर हमलावर है। बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी हावड़ा हिंसा में विदेशी साजिश बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल बीजेपी के लोकसभा सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले में एनआईए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हिंसा के कारणों का पता लगना चाहिए। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय बलों के हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
हिंसा के बाद से इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और पुलिस द्वारा लगातार माइकिंग की जा रही है। हावड़ा में कुछ अस्थिर जेबों में 3 अप्रैल तक धारा 144 बढ़ाई भी गई है। इसके अलावा हावड़ा के कई इलाकों 1 अप्रैल रात दो बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

