
देहरादून। कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में परेड ग्राउंड से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय तक आक्रोश रैली निकालकर प्रदेश प्रवक्ता सूरत सिंह नेगी के खिलाफ दर्ज मुकदमों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है और विपक्षी नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।
रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नारेबाजी करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, हालांकि हरक सिंह रावत सहित कुछ नेता परिसर के भीतर पहुंच गए। बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
हरक सिंह रावत ने कहा कि खनन, भूमि और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मालदेवता चौकी प्रभारी ने स्थानीय विधायक के दबाव में पुराने मामलों को आधार बनाकर कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की, जबकि कई मामलों में न्यायालय से राहत मिल चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि विधायक की पत्नी के नाम पर खनन पट्टे और क्रशर से जुड़े आरोप सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तेज कर दी गई। प्रेमनगर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी पुलिस द्वारा परेशान किया गया।
रावत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है तथा पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर संविधान और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध का कोई राजनीतिक दल, जाति या धर्म नहीं होता, इसलिए निर्दोष लोगों को प्रताड़ित करना उचित नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी केवल अपने कार्यकर्ताओं के मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश में जहां भी अन्याय होगा उसके खिलाफ आवाज उठाएगी। अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित राजनीतिक दबाव में हो रही पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

