
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जनपद में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने, जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट से निपटने के लिए पेयजल निगम, जल संस्थान और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गुरुवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल की मांग में वृद्धि होती है, ऐसे में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि समय रहते कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों और आपूर्ति लाइनों की नियमित जांच कराई जाए तथा किसी भी तरह की शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की शीघ्र मरम्मत, वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान और आवश्यकता पड़ने पर टैंकर व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी समयबद्ध तथा जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और उन्हें तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
