
रुद्रपुर(आरएनएस)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किसान सुखवंत के आत्महत्या प्रकरण में उच्चाधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि किसान सुखवंत ने आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में जिन अधिकारियों का नाम लिया है, उन सब पर कार्रवाई हो। वीडियो में जताई गई इच्छा के अनुरूप ही मामले की जांच की जाए और इस प्रकरण में वीडियो के आधार पर एसएसपी ऊधमसिंह नगर पर कार्रवाई कर उन्हें निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि 15 तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुलिस मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। मंगलवार को रुद्रपुर के एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए गोदियाल ने कहा कि हम प्रदेश की सरकार को मजबूर करेंगे कि वह अपराधियों का साथ देना छोड़े। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को जो संविधान में दायित्व दिए गए हैं, उनका वह निर्वहन करें और जनता का साथ दें। 15 जनवरी तक जिले के एसएसपी को निलंबित करें और उन पर प्राथमिकी दर्ज करें। इसके बाद कानून के तहत जांच हो। जांच पारदर्शी हो। सरकार इस बात का ध्यान रखे कि उसके सामने एक मजबूत और समझौता नहीं करने वाला विपक्ष खड़ा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार को घुटने के बल आना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि अंकिता के माता-पिता जो मांग करेंगे, उसी आधार पर जांच कराएंगे। उनके माता-पिता से प्रार्थना पत्र लिया, लेकिन उनके प्रार्थना पत्र पर जांच न कराकर किसी दूसरे के प्रार्थना पत्र पर सीबीआई जांच की संस्तुति की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जांच को भटकाने का तरीका है। सीबीआई किस विषय पर जांच करेगी, यह भी सरकार सार्वजनिक करे। वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि किसान सुखवंत की आत्महत्या के मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। परिवार को न्याय मिलना चाहिए। 15 जनवरी तक एसएसपी का निलंबन किए जाए और जिनके भी नाम वीडियो में आए हैं, उन सभी के नाम प्राथमिकी दर्ज करें। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे तो जनता का क्या होगा। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव, खटीमा के विधायक भुवन कापड़ी, हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश, मीना शर्मा, संदीप चीमा, सुमित्तर भुल्लर आदि मौजूद रहे।
