Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पौड़ी
  • घुड़दौड़ी संस्थान के अध्यापक फुलारा को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान
  • पौड़ी

घुड़दौड़ी संस्थान के अध्यापक फुलारा को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान

RNS INDIA NEWS 19/11/2025
default featured image

पौड़ी(आरएनएस)।  गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुरेश चंद्र फुलारा को उत्तराखण्ड महापरिषद, लखनऊ द्वारा प्रतिष्ठित उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया है। यह सम्मान उन्हें चीड़ की ज्वलनशील पत्तियों के पुन उपयोग से पर्यावरण-अनुकूल, ठंड-रोधी, किफ़ायती बायो-कम्पोज़िट निर्माण सामग्री विकसित करने से जुड़े उनके नवोन्मेषी, समाजोपयोगी और ग्रामीण आजीविका-उन्मुख शोध के आधार पर प्रदान किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. वीके बंगा ने उनके कार्य को शोध नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि डॉ. फुलारा द्वारा विकसित बायो-कम्पोज़िट तकनीक वनाग्नि न्यूनीकरण, स्वदेशी उत्पाद विकास और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण भट्ट ने इसे विभाग के लिए अत्यंत गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि डॉ. फुलारा का शोध छात्रों व विभाग की शोध-संस्कृति को नई दिशा दे रहा है। डीन (अनुसंधान एवं विकास) डा. ममता बौण्ठियाल ने कहा कि वनाग्नि, आजीविका और पलायन जैसे वास्तविक समस्याओं पर आधारित यह शोध भविष्य में एमएसएमईएस, स्टार्टअप्स और ग्रामीण उद्योगों के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकता है और संस्थान की शोध उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। डा. फुलारा द्वारा विकसित यह तकनीक जंगलों में ईंधन भार कम कर वनाग्नि जोखिम घटाने, ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, स्वदेशी निर्माण सामग्री का विकल्प प्रदान करने, कम लागत वाली इन्सुलेशन सामग्री के माध्यम से पशुपालन और पोल्ट्री को समर्थन देने जैसी कई महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रस्तुत करती है। यह नवाचार पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन रोकथाम और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो सकता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष बनेंगे सुरेंद्र कुकरेती
Next: गुलदार प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाए वन विभाग : महाराज

Related Post

default featured image
  • पौड़ी

अधिकारियों के गैरहाजिर रहने पर जनप्रतिनिधियों में रोष

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0
default featured image
  • पौड़ी

शोभायात्रा में घुसी तेज रफ्तार कार, आठ घायल, एक की हालत गंभीर

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0
default featured image
  • पौड़ी

स्कूटी से घर लौट रहे व्यक्ति के पीछे दौड़ा गुलदार

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, 5 मार्च तक आवेदन
  • राशिफल 03 फरवरी
  • तीन उद्योगों को अंतिम नोटिस जारी, आवंटन निरस्त होगा
  • रोड कटिंग शर्तों का उल्लंघन, यूपीसीएल की अनुमति निरस्त
  • अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
  • फीचर फिल्म ‘माँ सुरकण्डा’ का पोस्टर लोकार्पित

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.