
रुद्रपुर(आरएनएस)। रुद्रपुर के गाबा चौक स्थित एक गोल्ड लोन फाइनेंस कार्यालय के बाहर गुरुवार को व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन कर तालाबंदी कर दी। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी लोन की किस्त और पूरा बकाया चुकाने पहुंचे एक कारोबारी को लगातार सर्वर डाउन का बहाना बनाकर टरका रहे हैं। उनकी मांग थी कि पूरा लोन चुकाने के बाद गिरवी रखा गया सोना तत्काल वापस किया जाए। करीब एक घंटे तक व्यापारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। बाद में आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त किया। ट्रांजिट कैंप निवासी कारोबारी विकास बंसल ने बताया कि उन्होंने 15 महीने पहले गाबा चौक स्थित एक गोल्ड लोन फाइनेंस कार्यालय से लगभग 60 लाख रुपये मूल्य का सोना गिरवी रखकर 32 लाख का लोन लिया था। इसके बाद उन्होंने नियमानुसार 15 महीनों तक ईएमआई जमा की और पूरा बकाया चुकाकर सोना वापस लेने के लिए आवेदन किया। आरोप है कि जब वह सोना लेने बैंक पहुंचे तो कर्मचारियों ने सर्वर डाउन होने की बात कहकर उन्हें टालना शुरू कर दिया। करीब आठ दिन तक लगातार चक्कर काटने के बावजूद सोना वापस नहीं किया गया। इस पर कारोबारी ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा को मामले से अवगत कराया। गुरुवार दोपहर संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारी फाइनेंस कार्यालय पहुंचे और तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने के दौरान संजय जुनेजा ने कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राहकों के अधिकारों का खुलेआम हनन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। करीब एक घंटे बाद फाइनेंस कार्यालय प्रबंधन की ओर से संदेश आया कि कारोबारी का गोल्ड लोन जमा कर गिरवी रखा गया सोना वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
