Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • फास्टैग के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

फास्टैग के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

RNS INDIA NEWS 26/02/2021
SupremeCourtofIndia

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने फास्टैग की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी थी, जिन्हें कोर्ट ने उनकी याचिका के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट जाने के लिए कहा। उन्होंने थर्ड पार्टी बीमा और फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए जरूरी फास्टैग के खिलाफ चुनौती दी थी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने एक रिटायर्ड कर्मचारी राजेश कुमार द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उनसे कह कि आप पहले दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं। सीजेआई बोबडे ने कहा कि हम पहले इस मामले पर उच्च न्यायालय की राय जानना चाहते हैं। और राजेश कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुवाई करने से इनकार कर दिया। राजेश कुमार ने अपने वकील ध्रुव टम्टा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जनहित याचिका दायर की थी और सभी मोटर वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य करने के मुद्दे में राहत और उचित निर्देश और आदेश देने की मांग की थी। कुमार ने कहा कि बहुत से लोग सेवानिवृत्त जीवन जी रहे हैं, लेकिन सीमित उद्देश्य के लिए अपने घर में वाहनों को रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कुछ को शहर में ही अस्पताल जाने के लिए या आपात स्थिति में कारों की आवश्यकता होती है। राजेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और सभी मोटर वाहनों के लिए फास्टैग की अनिवार्यता को खत्म कर दिया जाए। सीजेआई बोबडे ने सुनवाई के दौरान कह कि अनुच्छेद 32 क्यों?। इस पर वकील टम्टा ने जवाब दिया, कि यह (फास्टैग) देशव्यापी मामला है, कृपया इसे देखें। सीजेआई ने कहा कि यह ठीक है। लेकिन आप पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में जाएं। सीजेआई बोबड़े ने कहा, हमारे पास हाईकोर्ट की भी राय होगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पीआरडी विभाग में बाहरी लोगों को प्रशिक्षण देने का आरोप
Next: सीएम हुए चमोली आपदा में मारे गए लोगों की आत्म शांति यज्ञ में शामिल

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

रामलला के चढ़ावे की रकम शेयर बाजार में लगाते थे आरोपी, जांच में बड़ा खुलासा

RNS INDIA NEWS 11/07/2026 0
medicine drug
  • राष्ट्रीय

कैंसर, शुगर और बीपी की दवाएं होंगी सस्ती, सरकार ने 39 दवाओं की कीमत तय की

RNS INDIA NEWS 11/07/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

बॉयफ्रेंड को घर बुलाया और फिर कुल्हाड़ी से काट डाली गर्दन, हाथ-पैर और मुंह भी बांधा

RNS INDIA NEWS 06/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • सड़क हादसे में युवक की मौत पर दोस्त पर मुकदमा
  • प्रवेश द्वार पर लिखे नाम पर विवाद, दोनों पक्षों ने पुलिस में दी तहरीर
  • अस्पताल की दीवार गिरी, मलबे में दबने से चिकित्सक की मौत
  • दो स्कूलों में तोड़फोड़, स्मार्ट टीवी समेत सरकारी संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, पुलिस जांच में जुटी
  • कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, 25 जुलाई तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश
  • कुमाउनी साहित्यकार महेन्द्र ठकुराठी को नेपाल में मिला डोटी रत्न पुरस्कार
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.