
उत्तरकाशी(आरएनएस)। विकासखंड डुंडा में योजनाओं के संचालन के लिए सामग्री क्रय की प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया को लेकर ग्राम प्रधानों में भारी नाराजगी है। प्रधानों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर एक ही वेंडर के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों को सामग्री आपूर्ति का प्रस्ताव न केवल अव्यवहारिक है बल्कि इससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होगी।उन्होंने टेंडर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग रखी है। चेतावनी दी है कि यदि 30 अप्रैल तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो सभी प्रधान विरोध और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। शनिवार को डुंडा विकासखंड के प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद पडियार की अध्यक्षता में प्रधानों की बैठक आयोजित की गई। प्रधानों ने कहा कि विकासखंड की 103 ग्राम पंचायतों और 40 क्षेत्र पंचायत सदस्यों तक एक ही व्यक्ति के माध्यम से सामग्री पहुंचाना संभव नहीं है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित पंचायतों तक आपूर्ति में देरी, परिवहन लागत में वृद्धि और अन्य व्यवस्थागत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही एकल वेंडर व्यवस्था से मनमानी और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर पहले भी प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल खंड विकास अधिकारी से मिलकर आपत्ति जता चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रधानों का कहना है कि इस प्रक्रिया के पक्ष में दिए जा रहे तर्क का बिल्कुल भी आधार नहीं है। प्रधानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस टेंडर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस मौके पर प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष विनोद पडियार, धर्मेंद्र, दरवेश भंडारी, कमला बिष्ट, नीलम, समुद्री देवी, अमित, सौरभ रावत आदि प्रधान मौजूद थे।

