Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • एक माह पहले दसऊ से पश्मी गांव पहुंचा चालदा महासू महाराज का बकरा
  • देहरादून

एक माह पहले दसऊ से पश्मी गांव पहुंचा चालदा महासू महाराज का बकरा

RNS INDIA NEWS 30/11/2025
rns featured image new

विकासनगर(आरएनएस)।   अगले माह पहली बार उत्तराखंड से हिमाचल के पश्मी गांव में प्रवास के लिए जा रहे चालदा महासू महाराज के स्वागत को लेकर हिमाचल के पश्मी गांव में तैयारियां जोरों से चल रही हैं, लेकिन इससे एक माह पहले ही दसऊ गांव में विराजमान महाराज का बकरा पश्मी, सिरमौर में पहुंच गया है। इस बकरे को स्थानीय भाषा में घांडुवा कहते हैं। इसे चालदा महाराज का देव चिह्न माना गया है। जौनसार बावर, हिमाचल, रवाईं, जौनपुर, उत्तरकाशी क्षेत्र की आस्था और देव परंपराओं के प्रतीक माने जाने वाले चालदा महाराज के देव चिह्न के रूप में प्रसिद्ध घांडुवा (बकरा) परंपरा निभाते हुए समय से पहले सिरमौर जिले के पश्मी गांव पहुंच गया है। चालदा महाराज का प्रवास अगले महीने जौनसार से हिमाचल के पश्मी गांव के लिए निर्धारित है। स्थानीय लोगों की माने तो महाराज के आगमन से पहले यह बकरा कुछ सप्ताह पूर्व ही निर्धारित स्थल पर पहुंच जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह केवल एक बकरा नहीं, बल्कि देवता की इच्छा और संकेत का प्रतीक है। जिस स्थान पर महाराज की अगली देव यात्रा होती है। वहां यह बकरा स्वतः पहुंच जाता है। हैरानी की बात यह है कि यह बकरा बिना किसी मानवीय दिशा-निर्देश या रोक-टोक के अपनी यात्रा पूरी करता है और हर बार सही स्थान पर पहुंच जाता है। दसऊ गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले यह बकरा गांव से रवाना हुआ था और अब इसके पश्मी सिरमौर पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है। इसको लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। लोग इसे ईश्वरीय चमत्कार मान रहे हैं। पश्मी गांव के लोगों ने फूलमाला पहनाकर और तिलक लगा स्वागत किया। महाराज के प्रवास तक इसे देव देखरेख में रखा जाएगा। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा सदियों से चल रही है। महाराज का प्रवास 13-14 दिसंबर को गांव में होगा। छत्रधारी चालदा महासू देवता पहली बार टौंस नदी को पार करके उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश पहुंचेंगे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अल्केश्वर घाट में शव दाह के लिए लकड़ियों की व्यवस्था हो
Next: शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री नैशनल पार्क के गेट

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

धामी सरकार की सौगात: मात्र 3 लाख में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

जौनसार के कल सिंह बिष्ट बने भारत सरकार में प्रधान महानिदेशक

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्व. जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 26 जून
  • कुंभ और कांवड़ से पहले एनएचएआई को अल्टीमेटम
  • आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 45 हजार का लोन स्वीकृत कराया
  • महिला कोतवाली और चौखुटिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
  • बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर जोर, स्कूलों में नशा विरोधी काउंसलिंग के निर्देश
  • महापौर व पार्षदों ने लिया दो दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.