
विकासनगर(आरएनएस)। न्यू राणा ज्वैलर्स की दुकान में लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। उनके कब्जे से करीब चार से पांच लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया है। गिरोह का एक अन्य सदस्य भीम बहादुर शाही अभी वांछित है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि आठ अगस्त की रात विकासनगर स्थित न्यू राणा ज्वैलर्स का ताला तोड़कर दुकान से सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। दुकान संचालक संजीव राणा ने नौ अगस्त को कोतवाली विकासनगर में तहरीर दी थी। इसके आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संदिग्धों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। 16 अगस्त की रात मुखबिर की सूचना पर कुल्हाल हाईवे पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान चार आरोपियों को चोरी की ज्वैलरी के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान नैना शाही उर्फ विनोद (28), दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया (42), शंकर बहादुर शाही (30) और निश्चल योगी उर्फ रमेश (25), सभी निवासी नेपाल के रूप में हुई। उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है。
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और मजदूरी के बहाने अलग-अलग राज्यों में जाकर चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देते थे। विकासनगर की घटना से पहले वे हिमाचल प्रदेश के बंजार क्षेत्र में मजदूरी कर रहे थे। उनके साथी भीम बहादुर के कहने पर वे विकासनगर पहुंचे और काम तलाशने के बहाने अलग-अलग स्थानों की रेकी की। इसी दौरान उन्होंने न्यू राणा ज्वैलर्स को निशाना बनाया। योजना के तहत आठ अगस्त की रात दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखी सोने-चांदी की ज्वेलरी चोरी कर ली। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए देहरादून और हरिद्वार होते हुए बस से हिमाचल प्रदेश चले गए। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी बाद में भीम बहादुर के कहने पर देहरादून आईएसबीटी आ रहे थे। यहां से उनकी नेपाल भागने की योजना थी, लेकिन उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी निश्चल योगी उर्फ रमेश के पास से हिमाचल प्रदेश के पते पर बनाया गया फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस फर्जी पहचान पत्र के जरिये सिम कार्ड हासिल करता था और घटना के दौरान इन सिमों का इस्तेमाल किया जाता था। वारदात के बाद सिम को तोड़ दिया जाता था, ताकि पुलिस को उनकी पहचान और लोकेशन तक पहुंचने में मुश्किल हो। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में कर्नाटक, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में चोरी व नकबजनी की घटनाओं में जेल जा चुके हैं। उनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

