
देहरादून। ईद-उल-फितर के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने राहत किट वितरण की पहल की है। बोर्ड के निर्देश पर प्रदेश की करीब 500 वक्फ कमेटियां हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत किट वितरित करेंगी। इसके साथ ही शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील भी की गई है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हाजी शादाब शम्स और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरधारी सिंह रावत के निर्देश पर यह पहल की जा रही है। राहत किट में दूध, सेवई, चीनी, चावल और ड्राई फ्रूट्स के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए नए कपड़े भी शामिल किए गए हैं, ताकि जरूरतमंद परिवार भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
हाजी शादाब शम्स ने समाज के संपन्न लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग जकात और सदका देने में सक्षम हैं, वे गरीब परिवारों और उनके बच्चों के लिए ईद के सामान और कपड़ों की व्यवस्था करें, ताकि हर वर्ग तक त्योहार की खुशियां पहुंच सकें।
उन्होंने बताया कि उलेमाओं से चर्चा के बाद लोगों से आग्रह किया गया है कि ईद की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही अदा की जाए और सड़कों पर नमाज न पढ़ी जाए। यदि मस्जिदों में भीड़ अधिक हो जाती है तो सहूलियत के लिए एक ही मस्जिद में दूसरी जमात भी कराई जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक रास्तों को बाधित करने से बचा जाए।
बोर्ड के अनुसार ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च को मनाई जा सकती है। पिछले वर्ष देहरादून की सुभाषनगर ईदगाह समेत कई स्थानों पर भीड़ अधिक होने के कारण दो बार जमात कराई गई थी।


