डॉ. निशंक ने संसद में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर पूछा सवाल

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हरिद्वार। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के संबंध में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने लोकसभा में सवाल किया। सवाल के उत्तर में बताया गया कि उत्तराखंड राज्य में पूर्ण और आंशिक रूप से पड़ने वाली 216 किमी लंबाई की तीन नई रेल लाइन परियोजना अनुमोदन के विभिन्न चरणों में हैं। तीनों परियोजना 18,554 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होंगी। परियोजना के अंतर्गत छह किलोमीटर का कार्य पूरा हुआ है। वहीं परियोजना में मार्च 2022 तक करीब 5,933 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। निशंक के सवाल के जवाब में बताया गया कि 16,216.3 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग में 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का कार्य होगा। साथ ही 791 करोड़ रुपये की लागत से देवबंद-रुड़की के बीच 27 किलोमीटर की नई रेल लाइन बनाई जाएगी। वहीं, 1546.24 करोड़ रुपये की लागत से किच्छा खटीमा में 63 किलोमीटर की नई रेल लाइन का कार्य किया जाएगा। डॉ. निशंक ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई लाइन परियोजना का बजट वर्ष 2010-11 में स्वीकृत किया गया था। संपूर्ण परियोजना का कार्य शुरू कर दिया गया है। परियोजना में 11,237 करोड़ रुपये का खर्च किया जा चुका है। योगनगरी ऋषिकेश से वीरभद्र 5.7 किमी खंड का कार्य मार्च 2020 में पूरा हो गया है। छह किलोमीटर में सुरंगों और बड़े पुलों पर कार्य शुरू कर दिया गया है। कई कारक परियोजना की समापन लागत को प्रभावित करते हैं। बाधाओं के साथ परियोजना के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही डॉ. निशंक ने कहा कि कार्य निष्पादन एजेंसी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मधुमक्खी पालन उद्यम को बढ़ावा देने के विकासात्मक कार्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं मृदा एवं जल की गुणवता बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में 79.48 लाख रुपये आवंटित किये गए।

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