

अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने नाराजगी जताई है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने और आगामी एक सप्ताह के भीतर योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था का आधार है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना और किसानों को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। ऐसे में जरूरी है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई दे और पात्र लाभार्थियों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं की प्रगति में तेजी लाई जाए तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका सकारात्मक प्रभाव किसानों की आय, कृषि उत्पादन और आजीविका पर भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास केएन तिवारी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





