

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार (सीसीआर) में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी देते हुए सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। साथ ही द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 और उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। जन विश्वास विधेयक के जरिए छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली तकनीकी व प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
सेवामुक्त अग्निवीरों को राहत देते हुए राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। नई नियमावली केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।
कैबिनेट ने साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
आपदा और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाना है। वहीं, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए नए विधेयक को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई।
आधारभूत ढांचे के विकास के लिए उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को भी मंजूरी दी, जिसके तहत विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय को प्रतिस्थापित किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन करेगा।
आवास और भू-उपयोग से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के सिसौना गांव में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की निर्धारित चौड़ाई में तीन मीटर की छूट दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए नौ मीटर के निर्धारित मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को स्वीकार किया गया। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के भौना इस्लामनगर गांव में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई।
बैठक में उत्तराखंड के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया गया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मीडिया को दी।




