
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग करते हुए कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा व्यक्त सम्मान को प्रदेश की जनता को समर्पित बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और नगर निकाय कर्मियों की जिम्मेदारी विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा कि इनके प्रयासों से ही शहरों और कस्बों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होती हैं। कोविड-19 के दौरान कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों को उन्होंने मानवता की मिसाल बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, जहां चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान नगर निकायों की भूमिका और बढ़ जाती है। राज्य सरकार कर्मचारियों के सशक्तिकरण, सुरक्षा और संतुष्टि को प्राथमिकता दे रही है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा निकाय कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के हित में कई निर्णय लिए गए हैं, जिनमें मानदेय बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करना, चारधाम क्षेत्रों में अतिरिक्त मानदेय, वर्दी एवं स्नोबूट के लिए 2500 रुपये की सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए प्रावधान, 5 लाख रुपये का समूह बीमा, ईपीएफ और ईएसआई लाभ सुनिश्चित करना तथा संविदा कर्मचारियों का वेतन 7500 से बढ़ाकर 15000 रुपये करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों को गति मिल रही है और राज्य सरकार इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। इस दौरान विधायक सविता कपूर, संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक सुरेन्द्र तेश्वर, सह संयोजक संतोष गौरव, नरेश वेद सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

