

देहरादून(आरएनएस)। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुसुम शानी की अदालत ने सात वर्षीय छात्रा से यौन शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में प्रेमनगर निवासी स्कूल वैन चालक सलमान (38) को पांच वर्ष के कारावास और कुल 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर दिलाने के निर्देश दिए हैं। विशेष लोक अभियोजक अल्पना थापा ने बताया कि 20 अक्तूबर 2022 को पीड़िता के पिता ने पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। कक्षा तीन में पढ़ने वाली छात्रा घर से प्रेमनगर गेट तक वैन में अकेली जाती थी, जहां दूसरी वैन के इंतजार में 20-25 मिनट रुकना पड़ता था।
इसी दौरान चालक सलमान बच्ची के माथे व शरीर पर लिक्विड लगाकर उसके संवेदनशील अंगों से छेड़छाड़ करता था और उसे कमरे में ले जाकर खुद नग्न होकर कपड़े उतारने का दबाव बनाता था। विरोध करने पर आरोपी उसे डंडे से पीटता और गले पर चाकू व ब्लेड रखकर माता-पिता की हत्या करने तथा बच्चों के अंगों को बेचने की धमकी देता था। 15 अक्तूबर 2022 को बच्ची के गुमसुम रहने और स्कूल जाने से डरने पर परिजनों को आपबीती पता चली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 21 अक्तूबर 2022 को आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले में पीड़िता, उसके माता-पिता व सीडब्ल्यूसी सदस्यों समेत आठ गवाह पेश किए गए। अदालत ने दोषी को पोक्सो एक्ट में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया।



