
ऋषिकेश(आरएनएस)। हर साल बढ़ाए जा रहे यात्री टैक्स के खिलाफ अब परिवहन कंपनियां मुखर हो गई हैं। दस परिवहन कंपनियों ने परिवहन विभाग की इस नीति का विरोध शुरू कर दिया है। कंपनियों ने विभाग को चेतावनी दी है कि वर्ष 2022 के बाद से बस किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि विभाग हर साल प्रति यात्री पांच प्रतिशत टैक्स बढ़ा रहा है। ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी टैक्स जमा नहीं करेंगे, चाहे उनके वाहनों के ग्रीन कार्ड बनें या न बनें।चारधाम यात्रा को लेकर संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज की अध्यक्षता में सभी दस परिवहन कंपनियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हर साल बढ़ने वाले यात्री टैक्स का विरोध किया गया।परिवहन कंपनियों का कहना है कि जहां एक ओर यात्री टैक्स लगातार बढ़ाया जा रहा है, वहीं किराया बढ़ाने को लेकर विभाग मौन है। वर्ष 2022 से अब तक बस कंपनियों का किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि टैक्स में निरंतर वृद्धि की जा रही है। यातायात कंपनी के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने बताया कि वर्ष 2022 से हर साल पांच प्रतिशत यात्री टैक्स बढ़ाया जा रहा है, लेकिन किराए में कोई वृद्धि नहीं हुई है। टैक्स वृद्धि की कोई सीमा भी तय नहीं है, जिससे परिवहन व्यवसायी परेशान हैं। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल और बसों के पुर्जों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। परिवहन कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वाहन स्वामी टैक्स जमा नहीं करेंगे और हड़ताल पर जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, रूपकुंड समिति के अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, गणेश भट्ट, योगेश उनियाल, प्रेमपाल बिष्ट, प्रदीप कानवासी और कृष्णा पंत सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सरकार से समस्या के समाधान की मांग की।

