

अल्मोड़ा। अयोध्या में 30 अक्टूबर 1990 को हुई प्रथम कारसेवा की 36वीं वर्षगांठ पर विश्व हिंदू परिषद, अल्मोड़ा की ओर से नगर निगम सभागार में संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन में बलिदान देने वाले कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद मल्ला महल स्थित राम मंदिर में 251 दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक कमल ने राम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक संघर्ष और उसके विभिन्न पड़ावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज ने लंबे समय तक संघर्ष किया। उनके अनुसार, वर्ष 1528 में मुगल शासक बाबर के शासनकाल में मंदिर को ध्वस्त कर वहां बाबरी ढांचा बनाया गया था। इसके बाद मुगल शासन, अंग्रेजी हुकूमत और स्वतंत्र भारत में भी राम जन्मभूमि को लेकर संघर्ष जारी रहा। उन्होंने कारसेवकों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके योगदान को सदैव स्मरणीय बताया।
इस अवसर पर वर्ष 1990 के राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कारसेवक राजीव गुरुरानी और रंजीत भंडारी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मनीष कुमार जोशी और राजीव गुरुरानी की ओर से तैयार करीब 10 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। इसमें 13 अक्टूबर 1990 को अल्मोड़ा में हुई घटनाओं को दर्शाया गया।
राजीव गुरुरानी ने कहा कि वर्ष 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अल्मोड़ा में हुई घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आज की पीढ़ी को उस संघर्ष और उससे जुड़ी घटनाओं की जानकारी होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है, ताकि उस दौर की स्मृतियों और कारसेवकों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष गोविंद रावत ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में कारसेवकों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री विजय सिराड़ी ने किया। समापन कारसेवकों के बलिदान को नमन करने और भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ हुआ।
इस अवसर पर महापौर अजय वर्मा, विहिप संगठन मंत्री वेद प्रकाश, पूर्व विहिप अध्यक्ष विपिन भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, ललित लटवाल, भाजपा उपाध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट, बजरंग दल संयोजक वैभव जोशी, मनोज रावत, हेमंत रावत, जितेंद्र बिष्ट और दिनेश मठपाल सहित अनेक लोग एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



