

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक में सात प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि शिक्षा विभाग से जुड़े दो प्रस्तावों को पुनः परीक्षण हेतु स्थगित कर दिया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लेखा-जोखा को विधानसभा के सदन पटल पर रखने की अनुमति प्रदान की गई। अभियोजन संवर्ग ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए 46 अतिरिक्त सहायक अभियोजन अधिकारी के पद सृजित किए गए। ऊर्जा विभाग के वित्तीय प्रतिवेदन वर्ष 2022-23 को भी सदन पटल पर प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई। राज्य के दुकानों और संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक की शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति सुरक्षा प्रावधानों के साथ देने पर भी सहमति बनी। कैबिनेट ने उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए प्रस्तावित अध्यादेश 2025 को मंजूरी दी। देहरादून में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना पर भारत सरकार के आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों से भी कैबिनेट को अवगत कराया गया और आगे की दिशा पर मार्गदर्शन लिया गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली 2025 में संशोधन को भी मंजूरी मिल गई। बैठक की शुरुआत वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर हुई। मंत्रिमंडल ने राज्य निर्माण आंदोलन और उत्तराखंड के विकास में उनके योगदान को याद किया। इसके बाद विभिन्न विभागों से आए प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

