
अल्मोड़ा। समीक्षा बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह केवल भाजपा जिलाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि जनता द्वारा निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य भी हैं और दोनों दायित्वों का निर्वहन करना उनकी जिम्मेदारी है। महेश नयाल ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में समीक्षा बैठक में उपस्थित रहकर क्षेत्र की जनता की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना और उनका समाधान कराना उनका नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि का प्रशासनिक या समीक्षा बैठक में शामिल होना न तो गलत है और न ही असंवैधानिक। उन्होंने कहा कि यह कोई नई परंपरा नहीं है और पूर्व में कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में भी पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि ऐसी बैठकों में शामिल होते रहे हैं। महेश नयाल ने स्पष्ट किया कि पंचायती राज व्यवस्था के तहत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकांश लोग ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य थे, जिनका कर्तव्य है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याएं और विकास कार्यों से जुड़ी बातें अधिकारियों के सामने रखें। महेश नयाल ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई जनहित का मुद्दा नहीं बचा है और विकास कार्यों से विचलित होकर वह ऐसे आरोप लगा रही है। उन्होंने दोहराया कि जनता की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाना उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य है, जिसे वे आगे भी निभाते रहेंगे।

