
विकासनगर(आरएनएस)। बरसात में शिक्षकों को उफनते नालों और नदियों को पार कराकर छात्रों को सुरक्षित स्कूल और घर पहुंचाना होगा। इस आशय का आदेश शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों को जारी किया है। जिस पर शिक्षकों ने कड़ी आपत्ति जताई है।दरअसल, प्रदेश में मानसून के दौरान कई बरसाती नदी-नाले, गाड़ और गदेरे उफान पर आ जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के दौरान हादसों की आशंका बनी रहती है। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित तरीके से विद्यालय पहुंचाने और छुट्टी के बाद घर तक सकुशल भेजने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।शिक्षकों और राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार आपदा प्रबंधन और प्रशासन ने करीब तीन माह पहले नदी-नालों के किनारे तथा भूस्खलन प्रभावित मार्गों से जुड़े विद्यालयों की सूची मांगी थी। उस समय उम्मीद थी कि बरसात से पहले सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जाएंगे, लेकिन इसके बजाय विद्यालयों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश जारी कर दिए गए।
