
देहरादून(आरएनएस)। कैंट क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति को मोबाइल बैंकिंग ऐप ठीक कराना महंगा पड़ गया। शातिर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर पीड़ित के मोबाइल को हैक किया और उनके खाते से 10 लाख 50 हजार रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर कैंट कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नरेंद्र विहार, बल्लूपुर रोड निवासी संजीव कुमार अग्रवाल (58) का पंजाब नेशनल बैंक में बचत खाता है। पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका पीएनबी वन मोबाइल ऐप काम नहीं कर रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 15 जनवरी को इंटरनेट के जरिए मिले कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया। जहां उन्हें 24 घंटे के भीतर कॉल बैक करने का भरोसा दिया गया। अगले दिन 16 जनवरी की दोपहर संजीव कुमार के पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया। झांसे में लेने के लिए उसने अपनी प्रोफाइल पर बैंक की आईडी भी लगा रखी थी। ठग ने संजीव कुमार को व्हाट्सऐप कॉल किया और ऐप लॉग-इन कराने के नाम पर कुछ स्टेप्स फॉलो करने को कहा। इस तरह उलझाकर ठग ने पीड़ित का फोन खाता हैक कर लिया। इसके बाद नेट बैंकिंग के जरिए पीड़ित के खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई। ठगी का अहसास होने पर जब संजीव कुमार बैंक पहुंचे और स्टेटमेंट निकलवाया तो उनके होश उड़ गए। ठगों ने आरटीजीएस के माध्यम से 5-5 लाख रुपये के दो ट्रांजेक्शन और 25-25 हजार रुपये के दो ट्रांजेक्शन किए। कुल मिलाकर उनके खाते से साढ़े दस लाख रुपये निकाल लिए गए। इंस्पेक्टर कैंट केके लुंठी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर सोमवार को साइबर ठगी की धाराओं में केस दर्ज जांच शुरू कर दी गई है।


