Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • बाल श्रम के शिकार 16 बच्चों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की मांग
  • राष्ट्रीय

बाल श्रम के शिकार 16 बच्चों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की मांग

RNS INDIA NEWS 24/02/2021
rns featured image new

दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल की गई जनहित याचिका

नई दिल्ली(आरएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय में एक अर्जी दाखिल कर राष्ट्रीय राजधानी में मुक्त कराये गये बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी के शिकार 16 और बच्चों के पुनर्वास के लिए तत्काल वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मंगलवार को पहले से ही लंबित याचिका में दायर अर्जी पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किये और उनसे जवाब मांगा। याचिका में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के शिकार 88 बच्चों के पुनर्वास सहायता का अनुरोध किया गया है। पीठ ने प्राधिकारों से अर्जी में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने को कहा और मामले को 19 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। मुक्त कराए गए एक बच्चे के पिता ने यह याचिका और अर्जी दाखिल की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद कादिर अंसारी ने बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के शिकार बच्चों के लिए राहत उपायों को लेकर निर्देश देने का अनुरोध किया है। इसमें उन्होंने अपने नाबालिग बेटे का भी जिक्र किया है जो काम की तलाश में 12 साल की उम्र में बिहार से दिल्ली आया था। वकील निमिषा मेनन, कृति अवस्थी और शिवांगी यादव द्वारा यह याचिका दायर की गयी है। याचिका में कहा गया है, कि बच्चे को ऐसी जगह काम पर रखा गया जहां दो महीने से अधिक समय तक तस्कर/नौकरी पर रखने वाले मालिक के हाथों उसे उत्पीडऩ और अमानवीय बर्ताव का सामना करना पड़ा। उसे दिन में 14 से अधिक घंटे तक काम करना पड़ता था और बहुत कम वेतन दिया जाता था अंसारी ने अपने बच्चे एवं अन्य को केंद्रीय क्षेत्र योजना (सीएस योजना) 2016 के तहत ‘पुनर्वास के संबंध में वित्तीय सहायता’ नहीं मिलने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: गुरमीत चौधरी की हॉरर फिल्म द वाइफ 19 मार्च को ओटीटी पर होगी रिलीज
Next: सेबी ने एल्कामिस्ट इंफ्रा रीयल्टी, चार अन्य पर एक करोड़ का लगाया जुर्माना

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 23 जून
  • 25 लाख की ठगी करने के आरोपी दो साइबर ठग पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
  • उत्तराखण्ड में डेटा-लिंक्ड गवर्नेंस की दिशा में कदम, मुख्य सचिव ने कार्यशाला में गुणवत्तापूर्ण डेटा व तकनीक पर दिया जोर
  • बुजुर्ग के घर चोरी- नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग गायब
  • अंतरजातीय विवाह के बाद युवती ने पति और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
  • डालगांव जूनियर हाईस्कूल भवन के हाल, लकड़ी की टेक पर टिकी है छत
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.