
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने दून में अवैध तरीके से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों को तत्काल बंद कराने की मांग उठाई है। दल की जिला इकाई ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
यूकेडी के जिला अध्यक्ष दीपक रावत की अध्यक्षता में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नशा मुक्ति केंद्र अनैतिक कार्यों में लिप्त हैं। इनमें हत्या और दुष्कर्म जैसी आपराधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केंद्रीय महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत ने आरोप लगाया कि कई नशा मुक्ति केंद्रों में पुनर्वास के नाम पर ठगी, दुष्कर्म, मारपीट और नशे का व्यापार हो रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष किरन रावत ने आशंका जताई कि नशा मुक्ति केंद्र मानव तस्करी में भी लिप्त हो सकते हैं, क्योंकि कई लोगों के रिकार्ड गायब किए गए हैं। मानव तस्करी के उद्देश्य से ये रिकॉर्ड जानबूझकर मेंटेन नहीं करते। पूर्व में दो नशा मुक्ति केंद्र संचालकों पर हत्या एवं दुष्कर्म के आरोप लगे, मुकदमा दर्ज किया गया, किंतु यह इतने शातिर प्रवृत्ति के हैं कि आज तक इनको पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। जिला उपाध्यक्ष मीनाक्षी सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र बंद न करने की दिशा में उत्तराखंड क्रांति दल आंदोलन करेगा। ज्ञापन में लताफत हुसैन, केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, केंद्रीय प्रवक्ता विजय बौड़ाई, केंद्रीय सचिव अशोक नेगी, कोषाध्यक्ष मुकेश कुंदरा, मिथिलेश, सरोज आदि उपस्थित थे।

