
उत्तरकाशी(आरएनएस)। जिला अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट व अभद्रता की घटनाओं को लेकर कई बार चर्चाओं में रहा है। अस्पताल स्टाफ लंबे समय से परिसर में स्थायी पुलिस चौकी खोलने की मांग करता आया है लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वर्ष 2017 में कोतवाली पुलिस उत्तरकाशी ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत अस्पताल परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की थी। उस समय तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की ओर से इसका विधिवत उद्घाटन भी किया गया था। हालांकि, बाद में किन्हीं कारणों से यह चौकी हटा दी गई। पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं बढ़ी है। गत वर्ष इमरजेंसी वार्ड में रात के समय डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन से स्थायी चौकी खोलने की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीएस पोखरियाल के अनुसार, कई बार मरीजों के तीमारदारों की ओर से डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। बीते वर्षों में सामने आए मामलों के कारण अस्पताल स्टाफ खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस चौकी का प्रस्ताव काफी पहले पुलिस प्रशासन को भेजा जा चुका है लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। परिसर में स्थायी पुलिस चौकी खुलने से डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। एसपी कमलेश उपाध्याय का कहना है कि अस्पताल परिसर में दोबारा चौकी खोलने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया गतिमान है।

