
अमेरिकी चुनाव में बड़ा मुद्दा बना चीन
वॉशिंगटन। अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में चीन बड़ा मुद्दा बन गया है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन लगातार चीन के खिलाफ एक से बढक़र एक बयान दे रहे हैं। वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो अपनी सभी रैलियों में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इतना ही नहीं, वे जो बाइडेन पर चीन के प्रति नरम व्यवहार करने का आरोप भी लगा चुके हैं।
ट्रंप ने न्यूपोर्ट वर्जीनिया में शुक्रवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत थी, तभी चीन से वायरस आ गया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कभी नहीं होने देना चाहिए था। हम यह भूलेंगे नहीं। हमने (आर्थिक गतिविधियों को) बंद कर दिया और लाखों लोगों का जीवन बचाया। हमने अब इसे खोल दिया है।
ट्रंप ने कहा कि यदि वह आगामी चार वर्ष के लिए फिर सत्ता में आते हैं, तो वह अमेरिका को दुनिया में मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चीन पर अपनी निर्भरता हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के बाद चीन के साथ संबंध उनके लिए खास मायने नहीं रखते। उन्होंने चीन के प्रति गहरी निराशा जताई।
शी जिनपिंग के साथ संबंधों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मेरे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बहुत अच्छे संबंध थे, लेकिन यह महामारी आ गई… हमने अच्छा व्यापार समझौता किया था, लेकिन मेरे लिए अब यह पहले की तरह नहीं है। क्या इसका अब कोई अर्थ है? अमेरिका और चीन ने वर्ष की शुरुआत में एक व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रम्प ने चीन के साथ इस समझौते पर फिर से बातचीत करने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि अमेरिका कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस वायरस के कारण अबतक दो लाख से अधिक अमेरिकियों की मौत हुई है। वहीं, देश की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है, जिसके कारण लाखों लोगों की नौकरियां भी चली गई हैं।
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