
अल्मोड़ा। उत्तराखंड की लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ग्रीन हिल्स ट्रस्ट एवं अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल के चौथे संस्करण के तहत नगर निगम सभागार में ऐंपण एवं भद्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक लोककला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों की सराहना बटोरी। मुख्य प्रतियोगिता से पहले 20 से 25 जुलाई तक वरिष्ठ ऐंपण कलाकार मीरा जोशी के मार्गदर्शन में छह दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 40 से अधिक प्रतिभागियों ने ऐंपण कला की बारीकियां सीखीं। रविवार को आयोजित प्रतियोगिता में मीरा जोशी और बागेश्वर के वरिष्ठ लोक कलाकार पंकज साह मुख्य अतिथि एवं निर्णायक मंडल के सदस्य रहे। उन्होंने ऐंपण को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बताते हुए इसके संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की गई। पहली श्रेणी में कार्यशाला के प्रशिक्षु प्रतिभागियों तथा दूसरी श्रेणी में पहले से इस कला में पारंगत प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की पारंपरिक शैली, रचनात्मकता, कलात्मक प्रस्तुति और तकनीकी दक्षता के आधार पर विजेताओं का चयन किया। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. वसुधा पंत ने कहा कि उत्तराखंड की लोककलाओं का संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला प्रशिक्षु श्रेणी में हेमलता वर्मा ने प्रथम, हीरा कनवाल ने द्वितीय, ज्योति त्रिवेदी ने तृतीय, योगिता जोशी ने चतुर्थ तथा दीपा गोस्वामी ने पंचम स्थान प्राप्त किया। पूर्व से पारंगत प्रतिभागियों की श्रेणी में कंचन जाटव प्रथम, हर्षित तिवारी द्वितीय, कमला लाटवाल तृतीय, प्रियांशी गिनवाल चतुर्थ और चाँदनी लटवाल पंचम स्थान पर रहीं। कार्यक्रम में डॉ. जे सी दुर्गापाल, डी.एस. बिष्ट, यामिनी कांडपाल, भूषण पांडे, दीपक जोशी, मीता उपाध्याय, तनुजा, रजनी पंत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वसुधा पंत ने किया।

