Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां
  • राष्ट्रीय

अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां

RNS INDIA NEWS 10/03/2021
default featured image

एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण

नई दिल्ली (आरएनएस)। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक और कामयाबी हासिल की है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। वहीं समुद्र में भारत की पनडुब्बियां और भी घातक हो जाएंगी।
डीआरडीओ ने आईएनएस करंज पनडुब्बी को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के एक दिन पहले बीती रात को मुंबई में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) तकनीक का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण नौसेना की ताकत में इजाफा करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे भारतीय पनडुब्बियों को समुद्र के भीतर और भी अधिक घातक बना देगा। भारत के दुश्मनों को पता भी नहीं चलेगा और वे तबाह हो जाएंगे। एआईपी तकनीक पनडुब्बी को पानी के नीचे अधिक समय तक रहने की इजाजत देता है और एक परमाणु पनडुब्बी की तुलना में इसे शांत रखते हुए उप-सतह (सब-सरफेस) के प्लेटफॉर्म को और अधिक घातक बनाता है। भारतीय नौसेना ने अब अपने सभी कलवरी क्लास के गैर-परमाणु हथियारों में एआईपी तकनीक को अपग्रेड करने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि 2023 तक यह काम पूरा हो जाएगा।

इन देशों के पास है यह तकनीक
आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण बेहद अहम कदम है। भारत से पहले यह तकनीक अमेरिका, फ्रांस, चीन, ब्रिटेन और रूस के पास ही थी। डीआरडीओ की एआईपी तकनीक एक फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल पर आधारित है और अंतिम दो कलवरी क्लास पनडुब्बियों को इसके द्वारा संचालित किया जाएगा। मुंबई में सोमवार को एआईपी डिजाइन का परीक्षण भूमि पर किया गया।

इसलिए विशेष है यह तकनीक
एआईपी या मरीन प्रोपल्शन तकनीक गैर-परमाणु पनडुब्बियों को वायुमंडलीय ऑक्सीजन तक पहुंच के बिना संचालित करने की अनुमति देती है और पनडुब्बियों के डीजल-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम को बढ़ाती है। इसका मतलब है कि एआईपी फिटेड पनडुब्बी को अपनी बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर नहीं आना पड़ता है और यह लंबे समय तक पानी के नीचे रहता है। एक ओर जहां न्यूक्लियर सबमरीन जहां शिप रिएक्टर की वजह से शोर मचाती हैं, वहीं एआईपी तकनीक से लैस पनडुब्बी एक घातक चुप्पी बनाए रखती है। यह नई तकनीक भारतीय सबमरीन को और भी ज्यादा घातक बनाएंगी।

पाकिस्तान ने फ्रांस से मांगी थी यह तकनीक
डीआरडीओ की इस तकनीक को फ्रांस से मदद मिली है, जो कलवरी क्लास मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में भारतीयों के संपर्क में थे। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान ने भी फ्रांस की तरफ रुख किया था, लेकिन तत्काल अनुरोधों के बावजूद फ्रांस ने पाकिस्तानी एजोस्टा 90 बी पनडुब्बियों को एआईपी तकनीक के साथ अपग्रेड नहीं करने का फैसला किया, जिसके बाद इस्लामाबाद को चीन या तुर्की की ओर जाने को मजबूर होना पड़ा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: राज्यसभा में मानव तस्करी और महिला आरक्षण विधेयक किया जाए पारित
Next: उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री बने तीरथ सिंह रावत

Related Post

default featured image
  • राष्ट्रीय

बहू की करतूत से परेशान ससुर: 80 साल के बुजुर्ग ने मेट्रो के सामने लगाई छलांग

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0
WhatsApp Image 2026-02-01 at 20.03.24_11zon
  • अर्थ जगत
  • राष्ट्रीय

केंद्रीय बजट 2026-27: विकास की रफ्तार पर जोर, आम आदमी को मिली सीमित राहत

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

साल में पांच बार यातायात नियम तोड़े तो तीन महीने के लिए निलंबित हो सकता है लाइसेंस

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • सेवा ही राजनीति का सबसे सशक्त माध्यम : कोश्यारी
  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हुई साल की तीसरी बर्फबारी
  • स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने रैली निकाली और प्रदर्शन किया
  • सकल हिंदू एकता मंच की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित
  • भूखंडों का स्वामित्व दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई 15 दिन की समय सीमा
  • जी रामजी योजना विकसित भारत की अवधारणा के लिए सराहनीय निर्णय : रेखा आर्या

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.