

अल्मोड़ा। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आठवें वेतन आयोग में वर्ष 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को शामिल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के सदस्यों ने वर्चुअल बैठक कर मांग की कि आठवें वेतन आयोग के दायरे में पेंशन पुनरीक्षण को भी शामिल किया जाए। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में पेंशनर्स ने कहा कि अब तक गठित सभी वेतन आयोगों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन के पुनरीक्षण को शामिल किया जाता रहा है। कर्मचारियों ने पूरी जिंदगी देश की सेवा की है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के आधार पर पेंशनर्स को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना उनके साथ भेदभाव है। एसोसिएशन ने मांग की कि आठवें वेतन आयोग को पेंशन पुनरीक्षण के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, ताकि सभी पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सके। बैठक में हेम चंद्र जोशी, मोहन चंद्र कांडपाल, किशोर चंद्र जोशी, आनंद सिंह बगड़वाल, पीएस सत्याल, गिरीश चंद्र जोशी, विपिन जोशी, बालादत्त कांडपाल, अनुजा साह, चंद्रशेखर सिंह सिराड़ी, चंद्रमणि भट्ट, रमा भट्ट, पुष्पा कैड़ा, सुनैना मेहरा, सोना जोशी, डॉ. जेसी दुर्गापाल, डॉ. अरुण पंत, डॉ. गोकुल सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, आशा कर्नाटक, आशा पंत, मदन सिंह मेर, पूरन लाल साह, बलवंत सिंह बिष्ट, गिरीश चंद्र मल्होत्रा, धाराबल्लभ पांडेय और महेंद्र सिंह अधिकारी सहित अन्य पेंशनर्स शामिल रहे।



