
विकासनगर। आर्य समाज उप प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड ने तीन पूर्व पदाधिकारियों की ओर से प्रशासक को चार्ज न दिए जाने को लेकर सख्त कदम उठाया है। उप प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड के प्रधान और मंत्री ने तीनों पूर्व पदाधिकारियों को छह वर्ष के लिए आर्य समाज डाकपत्थर की मूल सदस्यता से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी प्रशासक को निर्देश दिए हैं। आर्य समाज उपप्रतिनिधि सभा उत्तराखंड के प्रधान शत्रुघ्न मौर्य और मंत्री भगवान सिंह राठौर ने आर्य समाज डाकपत्थर के प्रशासक अरविंद शर्मा को जारी पत्र में कहा कि डाकपत्थर कार्यकारिणी को भंग किये जाने के बाद तत्कालीन पदाधिकारियों को सभी तरह से चार्ज देने का निर्देश दिया गया। लेकिन निर्धारित समय तक पूर्व पदाधिकारियों ने न तो कोई चार्ज दिया और न ही स्पष्टीकरण दिया। इसके चलते आर्य समाज की तमाम गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बताया कि 12 दिसंबर 2020 और 19 फरवरी 2021 को भी तत्कालीन तीनों पदाधिकारियों मंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व कोषाध्यक्ष को पत्र भेजकर कर आर्य समाज से संबंधित सभी दस्तावेजों, संपत्ति, लेटर हेड, बैंक में जमा और नगद राशि का चार्ज प्रशासक को देने के निर्देश दिए। लेकिन उक्त तीनों पदाधिकारियों ने आज तक इस दिशा में कोई जवाब नहीं दिया। इसके चलते उक्त तीनों पदाधिकारियों को आर्य समाज प्रतिनिधि दिल्ली के नियमों के तहत छह वर्ष के लिए मूल सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। साथ ही प्रशासक को निर्देश दिए कि उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाय।

