
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2025-26 के अंतर्गत आयोजित ‘उत्तरा मॉड्यूल’ आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार को विभिन्न सत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों और मास्टर ट्रेनरों को बुनियादी साक्षरता और भाषा विकास से जुड़ी शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम एससीईआरटी उत्तराखंड देहरादून के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जनपद के 12 मास्टर ट्रेनर और 200 कोलोकेटेड आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां प्रतिभाग कर रही हैं। प्रथम सत्र में संदर्भदाता करुणा टम्टा ने बुनियादी साक्षरता के घटकों और मौखिक भाषा विकास पर चर्चा कराते हुए संबंधित गतिविधियां कराईं। दूसरे सत्र में पुष्पा बोरा ने ध्वनि जागरूकता विषय पर व्याख्यान देते हुए व्यवहारिक अभ्यास कराए। तीसरे सत्र में करुणा टम्टा ने शब्द भंडार विषय पर प्रशिक्षण दिया तथा प्रतिभागियों को डायट परिसर में स्थापित मॉडल बाल वाटिका का अवलोकन कराया, जहां उन्होंने अधिगम सहायक सामग्री के उपयोग और नवाचार आधारित शिक्षण सामग्री निर्माण की प्रक्रिया समझी। कार्यक्रम के दौरान डायट के नियोजन एवं प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. हेम चन्द्र जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रारंभिक शिक्षा में रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का संचालन कार्यक्रम समन्वयक रमेश सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर डॉ. हेमलता धामी, मंजू डंगवाल, गोपाल सिंह रावत, अनिल कांडपाल, अनीता टम्टा, दमयंती धर्मसत्तू, डिम्पल वर्मा, बसंती भोज, सतरूपा बिष्ट और रेनू आर्या सहित अन्य उपस्थित रहे।

