
रूड़की। अंकिता भंडारी की हत्या के आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग को लेकर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने उपवास रखकर धरना दिया। अंकिता भंडारी को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग भी की। शिव चौक अशोकनगर शिवाजी कॉलोनी फाटक पर समिति के संरक्षक राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के हत्यारों को फास्ट ट्रैक में मामला चलाकर एक माह के अंदर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी, आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की। सफेदपोशों के सामने गलत काम का विरोध करने पर जान की परवाह किए बगैर घुटने न टेकने की हिम्मत दिखाने के लिए बहादुरी के रूप में शहीद का दर्जा देने की मांग की। युवा संगठन के संस्थापक राकेश चौहान और पूर्व अध्यक्ष हेमंत बड़थ्वाल, सुदर्शन डोबरियाल और धनंजय शुक्ला ने कहा कि सफेदपोश दबाव बना रहे हैं। वनंतरा रिजॉर्ट को तोड़कर सबूतों को मिटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आरोपियों को जल्द फांसी नहीं होती है तो जनता मानेगी कि मामले में लीपापोती करने का काम किया गया। जिसका जवाब सरकार को देना ही होगा। महिला अध्यक्षा पार्वती रावत ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द से मामले में ठोस कदम नहीं उठाए और जघन्य अपराध करने वालों को फांसी की सजा नहीं हुई तो पूरी मातृशक्ति सड़कों पर उतर आएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही उन्होंने अवैध रूप से चलने वाले सारे रिजॉर्ट को बंद करने की मांग की।

