Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • अन्य
  • रहन-सहन
  • दांतों की समस्या बढ़ा सकती है लीवर कैंसर का खतरा, करें ऐसे उपाय
  • रहन-सहन

दांतों की समस्या बढ़ा सकती है लीवर कैंसर का खतरा, करें ऐसे उपाय

RNS INDIA NEWS 20/09/2022
17phot06 (1)

अक्सर हम दांतों की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर इसे लंबे समय तक छोड़ दिया जाए तो यह कैंसर जैसी घातक समस्या को भी जन्म दे सकता है। दांतों में गंदगी की समस्या आमतौर पर साफ-सफाई का ध्यान न रखने के कारण होती है। हम ठीक से ब्रश नहीं करते और दांतों के बीच में जब गंदगी फंस जाती है तो हम उस पर ध्यान नहीं देते। इससे सड़ांध पैदा होती है और हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कहा गया है कि मसूड़ों से खून बहने, मुंह के छालों और दांतों की सडऩ की समस्या से पीडि़त व्यक्तियों में हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा का खतरा 75 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। हेपेटोकेल्युलर कार्सिनोमा यकृत कैंसर का सबसे आम रूप है। कैंसर रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, यूके में हर साल लिवर कैंसर के 6200 नए मामले सामने आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, लीवर कैंसर से होने वाली मौतों का 8वां सबसे आम कारण लीवर कैंसर है। एक अध्ययन के अनुसार क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में 4,69,628 प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण किया। इन लोगों में ऐसे लोग शामिल थे जिन्हें मुंह के छालों, मसूड़ों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, दांत टूटना आदि की शिकायत थी। शोधकर्ताओं ने कई वर्षों तक उनके मौखिक स्वास्थ्य का अध्ययन किया।
अध्ययन के अंत में, यह पाया गया कि इनमें से 4069 में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर विकसित हुआ। इन कैंसर के मामलों में, 531 (13 प्रतिशत) प्रतिभागियों ने किसी न किसी रूप में खराब मौखिक स्वास्थ्य की सूचना दी। क्वीन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ हेइडी जोर्डो ने कहा कि अतीत में, कई प्रकार की पुरानी बीमारियां, हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह खराब मौखिक स्वास्थ्य से जुड़े थे, लेकिन पहली बार यह पाया गया है कि यकृत कैंसर खराब होने के कारण भी हो सकता है। दांतों का स्वास्थ्य। शायद।

क्या करें
दांतों की नियमित सफाई करें। जानकारों के मुताबिक रात को सोते समय ब्रश जरूर करना चाहिए। जब दांतों में ज्यादा गंदगी हो तो बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाकर इससे दांत साफ करें। इसके अलावा पीले दांतों को साफ करने के लिए सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों पर मलें। इससे दांतों के अंदर फंसे बैक्टीरिया मर जाएंगे। घरेलू नुस्खों के बावजूद अगर दांतों में किसी भी तरह का दर्द हो या मसूड़ों से खून बह रहा हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: ऑपरेशन लोटस की चर्चा के बीच विश्वास प्रस्ताव पेश करेगी पंजाब सरकार
Next: रात में सो रही महिला का मुंह दबाकर उठा ले गए युवक, किया सामूहिक दुष्कर्म

Related Post

default featured image
  • रहन-सहन
  • राष्ट्रीय

लोकसभा चुनाव में वोट नहीं डालना पड़ेगा महंगा, बैंक अकाउंट से कटेंगे 350 रुपये; क्या है सच?

RNS INDIA NEWS 15/09/2023 0
ear problem
  • रहन-सहन

कानों में सुनाई देती है अजीब आवाजें तो राहत पाने के लिए आजमाएं ये तरीके

RNS INDIA NEWS 22/01/2023 0
20phot05
  • रहन-सहन

कोर मसल्स को मजबूती देने में मदद कर सकती हैं ये 5 एक्सरसाइज

RNS INDIA NEWS 21/01/2023 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 13 फरवरी
  • केंद्रीय बजट से उत्तराखंड में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: प्रेमचंद
  • मंत्री गणेश जोशी ने की REAP-ग्रामोत्थान की ग्राम्य विकास समीक्षा
  • अर्जुन हत्याकांड में पुलिस के हाथ लगी सफलता
  • ‘गोरखा हिमालयन फेस्टिवल’ में जुटेंगे देशभर के कलाकार
  • रकम निकालकर घर लौट रही बुजुर्ग महिला से ठगी

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.