Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • अंतरराष्ट्रीय
  • बाज नहीं आ रहा ड्रैगन, सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा- लद्दाख के पैंगोंग झील में ‘सर्विलांस रेडोम’ बना रहा चीन
  • अंतरराष्ट्रीय

बाज नहीं आ रहा ड्रैगन, सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा- लद्दाख के पैंगोंग झील में ‘सर्विलांस रेडोम’ बना रहा चीन

RNS INDIA NEWS 31/08/2022
rns featured image new

बीजिंग। भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध को खत्म करने की कोशिश के तहत कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस बार सेटेलाइट से कुछ नई तस्वीरें मिली हैं जो दिखाता है कि वो लद्दाख के पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील से दूर नहीं गया है।
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास नए सिरे से मिली सेटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने पैंगोंग त्सो झील के आसपास विवादित फिंगर 4 और फिंगर 8 क्षेत्रों के पास एक नई रेडोम संरचना का निर्माण किया है।
रेडोम बड़े गुंबद के आकार की वो संरचनाएं होती हैं जो रडार को खराब मौसम से बचाते हैं और साथ ही बिना किसी बाधा के विद्युत चुम्बकीय संकेतों को हासिल करने की मदद करते हैं।
डेमियन साइमन ने आगे दावा किया कि ये तस्वीरें निर्माणाधीन सौर पैनल और एक प्रस्तावित रडार का व्यूशेड दिखाती हैं जो हाइलाइट किए गए इलाके और लेक सेक्शन में निगरानी के लिए अनुमति देता है।
दो साल पहले मई 2020 में पैंगोंग त्सो के आसपास पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के बीच गतिरोध बढ़ गया था और तब हिंसक झड़प भी हुई थी और इसके करीब दो साल बाद इस तरह की गतिविधियां दिख रही हैं।
भारत और चीन पारस्परिक रूप से पिछले साल की शुरुआत में इस विवादित क्षेत्र से अलग होने और यथास्थिति पर लौटने को लेकर राजी हो गए थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवादित सीमा क्षेत्रों, खास तौर से फिंगर 4 पर कई दौर की बातचीत हुई, जहां गतिरोध हुआ था।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मुंबई में मिले रामनगर से लापता पांच किशोर
Next: अमेरिका में मंकीपॉक्स के 18 हजार से ज्यादा आए मामले

Related Post

rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय

मोजतबा खामेनेई के रूस में इलाज की अटकलें, आधिकारिक पुष्टि नहीं

RNS INDIA NEWS 16/03/2026 0
rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय

महंगी पड़ेगी ट्रंप की दोस्ती, रूस से तेल न खरीदने की शर्त से भारत में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

RNS INDIA NEWS 10/02/2026 0
rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय

चीन ने बनाई शरीर की नस-नस दिखाने वाली मशीन

RNS INDIA NEWS 23/01/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 17 जून
  • सहसपुर में स्वारना नदी के किनारे फेंका जा रहा कूड़ा
  • कमला नेहरू पुरस्कार समारोह में 170 मेधावी विद्यार्थियों की माताएं सम्मानित
  • इकबालपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत
  • सांसद नरेश बसंल ने सुनी व्यापारियों और क्षेत्रवासियों की समस्याएं
  • महिला इंजीनियर की मौत मामले में जांच की मांग उठी
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.