
देहरादून। राजपुर रोड स्थित डब्ल्यूआईसी इंडिया में विंग्स कल्चरल सोसाइटी के सहयोग से तारिक हमीद द्वारा निर्देशित ‘अजीब दास्तान है ये’, ‘मरहूम की याद में’ और ‘बे’ कहानियों का नाटकीय मंचन किया गया। जनकवि अतुल शर्मा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। ‘मरहूम की याद में’ पत्रा बुखारी की एकमात्र कृति पत्रा के मजामीन निबंध पर आधारित है। यह साइकिल की कहानी है जिसे पत्रा अपने दोस्त मिर्जा से खरीदता है। ‘बे’ शौकत थानवी द्वारा लिखी गई लघु कहानी है। जिसमे ज्योतिषी द्वारा नायक से कहा जाता है कि आपकी मृत्यु का कारण उर्दू वर्णमाला के दूसरे अक्षर ‘बे’ से शुरू होने वाला एक शब्द होगा, जो अंग्रेजी में ‘बी’ और हिंदी में ‘ब’ है। नायक को जीवित रहने के लिए बे अक्षर से शुरू होने वाली सभी चीजों से सावधान रहना चाहिए। इस कहानी का मंचन राजगुरु मोहन ने किया। विंग्स कल्चरल सोसाइटी के संस्थापक और निदेशक तारिक हमीद ने दर्शकों का शुक्रिया किया। मौके पर सचिन उपाध्याय, अंकित अग्रवाल, शिवांकु भट्ट, वसुंधरा नेगी आदि मौजूद रहे।

