Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • चमोली
  • गोपेश्वर में भूधंसाव ट्रीटमेंट हेतु 33 करोड़ रुपये के डीपीआर को स्वीकृति
  • चमोली

गोपेश्वर में भूधंसाव ट्रीटमेंट हेतु 33 करोड़ रुपये के डीपीआर को स्वीकृति

RNS INDIA NEWS 01/07/2022
default featured image

चमोली। चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर के भू धंसाव प्रभावित इलाके सुभाष नगर के ट्रीटमेंट होने की आस बन गयी है। सरकार ने भू धंसाव प्रभावित सुभाषनगर के लिये 33 करोड़ रुपये के डीपीआर को स्वीकृति दे दी है। चमोली गोपेश्वर मार्ग पर जिला मुख्यालय गोपेश्वर का एक बड़ा इलाका सुभाष नगर विगत कई वर्षों से भू धंसाव की जद में हैं। 2021 में इस इलाके में खासकर बरसात में लोग सर्वाधिक प्रभावित रहे हैं। दर्जनों मकानों में दरारें आ गयीं थीं और पूरा क्षेत्र भू धंसाव की जद में आ गया था। यहां के निवासियों ने भूधंसाव के ट्रीटमेंट के लिये प्रदर्शन किया और धरना भी दिया। मुख्यमंत्री से लेकर सांसद, विधायक ने प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण भी किया। पर अब इस इलाके के भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र के ट्रीटमेंट किए जाने के आसार बन गये हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि भू धंसाव प्रभावित सुभाष नगर गोपेश्वर के ट्रीटमेंट के लिये 33 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी मिल गयी है।

जोशीमठ नगर का एक बड़ा हिस्सा भी भूधंसाव की जद में हैं। 2021 से यहां के लोग विस्थापन और भूधंसाव के ट्रीटमेंट की मांग कर रहे हैं। पर अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। भूवैज्ञानिकों ने भी जोशीमठ के एक बड़े हिस्से को भूस्खलन और भूधंसाव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बताया है। इसे मोरेन पर बसा इलाका बताया है। स्थानीय निवासी कमल रतूड़ी, अतुल सती कहते हैं दर्जनों मकानों में दरारें आयी है। इलाका भूधंसाव की जद में हैं। बरसात सामने है। खतरा और चिंता और भी बढ़ गयी है। पर अभी तक कोई कारगर कदम सरकार ने नहीं उठाये।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: दोणी सड़क के सुधारीकरण की मांग उठाई
Next: अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन से तीन अभिनेत्रियां करेंगी डेब्यू

Related Post

default featured image
  • चमोली

ज्योतिर्मठ में ध्वस्त होंगे भू धंसाव के समय जर्जर हुए 55 भवन, टेक्निकल टीम ने किया सर्वे

RNS INDIA NEWS 31/01/2026 0
default featured image
  • चमोली

चंडिका मंदिर के कपाट खुले, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

RNS INDIA NEWS 29/01/2026 0
hacker
  • चमोली

सावधानी बरतें : चालान की पीडीएफ खोलते ही फोन हैक, खाते से 40 हजार रुपये उड़ाए

RNS INDIA NEWS 29/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 फरवरी
  • बाड़ेछीना के पास सड़क हादसा, स्कूटी सवार युवक की मौके पर मौत
  • ज्योतिर्मठ में ध्वस्त होंगे भू धंसाव के समय जर्जर हुए 55 भवन, टेक्निकल टीम ने किया सर्वे
  • यूजीसी नियमों के विरोध में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
  • मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल : रेखा आर्या
  • कार रेंटल सेंटर पर छापा, निजी वाहनों की चाबियां जब्त

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.