Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तर प्रदेश
  • दो साल बाद विसर्जित की मां की अस्थियां, लॉकडाउन के चलते भारत नहीं आ सका था बेटा
  • उत्तर प्रदेश

दो साल बाद विसर्जित की मां की अस्थियां, लॉकडाउन के चलते भारत नहीं आ सका था बेटा

RNS INDIA NEWS 13/04/2022
default featured image

मां की अस्थियों की पूरे विधि-विधान से की पूजा

कानपुर (आरएनएस)। सनातन धर्म की परंपरा है कि मरने के बाद मोक्ष तभी मिलता है, जब अस्थियों का गंगा में विसर्जन किया जाए। सनातन धर्म की यह परंपरा विदेशों में रहने वाले भारतीय अभी नहीं भूले हैं। इसलिए इंग्लैंड में रहने वाले दीपांकर दीक्षित अपनी मां की अस्थियों के विसर्जन के लिए कानपुर आए। उन्होंने भैरोघाट के मोक्षधाम में बने अस्थि कलश बैंक से अपनी मां की अस्थियों की पूरे विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद बाद प्रयागराज अस्थि विसर्जन करने के लिए निकल गए।

आर्यनगर की रहने वाली 65 वर्षीय कल्पना दीक्षित का निधन कोरोना काल में हो गया था। अपनी मां की मौत होने की जानकारी जब दीपांकर हो हुई,तो उन्होंने भारत आने की बहुत कोशिश की।मगर,लॉकडाउन की वजह से वह नहीं आ सके। इस वजह से उनकी मां का अंतिम संस्कार उनके भतीजे आनंद त्रिपाठी ने किया।
इसके बाद दीपांकर ने अपने ससुर पूर्व सांसद जगतवीर सिंह द्रोण से आग्रह कर मां की अस्थियां सुरक्षित रखने के लिए कहा। अंतिम संस्कार के बाद कल्पना दीक्षित की अस्थियां भैरोघाट में बने अस्थि कलश बैंक में सुरक्षित रख दी गई। अब जब कोरोना काल खत्म हो गया और पाबंदियों में छूट दी गई है,तो दीपांकर अपनी पत्नी जया संग भारत आए।

दो साल बाद आए भारत
कानपुर पहुंचकर उन्होंने पूरे विधि-विधान से मां की अस्थियों का पूजन किया। इसके बाद वह प्रयागराज रवाना हो गए जहां वो मां की अस्थियों को संगम में विसर्जित करेंगे। कल्पना की बहू जया ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से अब दो साल बाद भारत आ सके हैं। अस्थि कलश ले जाकर उनका विसर्जन संगम में करेंगे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नीतीश कुमार की सुरक्षा में हुई भारी चूक, जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान फूटा बम, मची अफरा-तफरी
Next: एक परिवार के तीन लोगों की नृशंस हत्या

Related Post

default featured image
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

महाकुंभ: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

RNS INDIA NEWS 09/02/2025 0
default featured image
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड

सीएम धामी को दिया प्रयागराज, यूपी में होने वाले महाकुंभ मेले का निमंत्रण

RNS INDIA NEWS 12/12/2024 0
judge hammer
  • उत्तर प्रदेश
  • राष्ट्रीय

तीन साल की बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी ताऊ को मिली फांसी की सजा, 1 लाख का जुर्माना

RNS INDIA NEWS 05/08/2024 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 30 नवंबर
  • लिंक क्लिक करते ही हैंग हुआ फोन, खाते से 05 लाख गायब
  • पूर्वोत्तर राज्यों के कृषि विशेषज्ञों के लिए विवेकानंद पर्वतीय कृषि संस्थान में प्रशिक्षण संपन्न
  • विकास योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: मुख्य विकास अधिकारी
  • शिक्षक संगठनों ने सड़क दुर्घटना में तीन पदाधिकारियों के निधन पर व्यक्त किया शोक
  • सड़क सुरक्षा पर समीक्षा बैठक आयोजित, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.