
रुड़की। सैनिक कल्याण और उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों को उद्योग लगाने पर पांच फीसदी की छूट दे रही है। उन्होंने कांग्रेस पर वन रैंक-वन पेंशन लटकाने का आरोप लगाया। नेहरू स्टेडियम में शहीद सम्मान यात्रा कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शहीद सैनिकों के परिवारों को ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड से होता है। पहले विश्व युद्ध से लेकर गलवान, पुलवामा में यहां के जवानों ने शहादत दी। शहीदों को हम वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन उनकी याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए देहरादून में सैन्य धाम बनाया जा रहा है। जोशी बोले, पूर्व सैनिक वन रैंक-वन पेंशन की मांग 1972 से ही कर रहे थे। केंद्र में कांग्रेस की सरकार ने इसे टाला। जब उनकी सत्ता से विदाई हो रही थी तब 500 करोड़ रुपये जारी किए। लेकिन मोदी सरकार ने पूर्व सैनिकों की मांग पूरी की। उन्होंने सीमा पर सेना को खुली छूट सरकार ने दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होली-दिवाली सीमा पर सैनिकों के बीच मनाते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में राज्य सरकार ने सैनिकों के हितों के लिए कई फैसले लिए हैं। कोई पूर्व सैनिक राज्य में उद्योग लगाना चाहता है तो उसे पांच फीसदी की छूट सरकार दे रही है। शहीदों के परिवारों को मिलने वाली एकमुश्त राशि को दस से बढ़ाकर पंद्रह लाख किया गया। विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि राज्य में चारधाम पहले से हैं। अब पांचवां धाम सैन्य धाम बन रहा है। उत्तराखंड आध्यात्मिक राजधानी के साथ वीरों की भूमि है। रुड़की में पांच हजार पूर्व फौजी हैं।

