
ऋषिकेश। गर्मी में पानी के भूमिगत स्रोत सूखने लगे हैं। इससे कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। रानीपोखरी के तीन गांवों की छह हजार की आबादी प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर है। स्रोत सूखने के बाद ग्रामीण टैंकर से पानी की सप्लाई की मांग कर रहे हैं। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में जल स्रोत सूखने लगे हैं। रानीपोखरी के तीन गांव कुडिय़ाल, थानो, कंडोगल के ग्रामीण भूमिगत जल स्रोत पर ही निर्भर हैं। यहां करीब छह हजार की आबादी को प्राकृतिक जल स्रोत से जुड़ी पेयजल लाइन के जरिए ही पानी मिलता है। लेकिन यहां स्रोत सूखने से पानी का संकट गहराने लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य नीतू खत्री ने बताया कि काफी समय से पानी की दिक्कत है। इस कारण लोगों को खुद के खर्चे पर टैंकर मंगवाकर पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल कृषाली ने कहा ने विभाग पेयजल किल्लत को लेकर गंभीर नहीं है। आज तक कोई स्थाई समाधान नहीं खोज पाया है। इस कारण गर्मियों के दिनों में लोगों को पानी की दिक्कत झेलनी पड़ रही है। रमेश हटवाल, नीरज रावत, महिपाल कृषाली, नीता खत्री, सुनीता कृषाली, अमर सिंह खत्री, ललित बिष्ट, अजय बहुगुणा आदि ग्रामीणों ने जल संस्थान से क्षेत्र में पेयजल समस्या का स्थाई समाधान निकालने और तब तक टैंकरों के जरिए पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है। जल संस्थान के जेई विनोद असवाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण विषम परिस्थितियां पैदा हो जाती है। जल्द ही जल संस्थान क्षेत्र में पेयजल समस्या का हल निकालेगा।


