

कोटद्वार। नगर और पर्वतीय क्षेत्रों में धनतेरस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। लोगों ने बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, सजावटी सामान, कपड़े, दीपक, बिजली की झालरें, पूजन सामग्री और खील-बताशों की जमकर खरीदारी की। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्यापारियों ने दुकानों पर विशेष दीपावली ऑफर भी दिए। अच्छी खरीदारी से व्यापारियों के चेहरे खिले रहे।
कोटद्वार बाजार में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी। सुबह दस बजे के बाद आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से बाजार में भीड़ बढ़ गई। लोगों ने बर्तन, सजावटी सामान, कपड़े, सोने-चांदी के आभूषण, बिजली की झालरें, पूजन सामग्री, खील-बताशे और मिठाइयों की खरीदारी की। दुगड्डा, डाडामंडी, पौखाल और सिलोगी के बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही।
लैंसडौन में भी धनतेरस पर बाजार आकर्षक ढंग से सजाए गए थे। स्थानीय लोगों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने बर्तन, दीये, झाड़ू, चांदी के सिक्के और पटाखों की जमकर खरीदारी की। वहीं सतपुली और बीरोंखाल बाजार में भी धनतेरस पर खूब चहल-पहल रही। दीपावली तक मुख्य बाजार में वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किए जाने से व्यापारियों ने सड़क तक दुकानें सजा रखी थीं। बाजार में दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने मिठाइयों, पटाखों, बिजली की लड़ियों सहित अन्य दीपावली सामग्री की जमकर खरीदारी की।
बाजार में कई जगह मोर पंख और उससे बने डिजाइनदार गुलदस्तों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं पूजा में इस्तेमाल होने वाले कमल के फूल की भी काफी मांग रही।



